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When Smriti Irani Cleaned Dishes At Mcdonald’s: टेलीविजन इतिहास की सबसे चहेती और संस्कारी बहुओं की बात करते हैं तो हमारे जहन में ‘कहानी घर घर की’ की पार्वती, ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ की अक्षरा, ‘ससुराल सिमर का’ की सिमर और ‘साथ निभाना साथिया’ की गोपी बहू के चेहरे घूम जाते हैं. इन किरदारों ने करोड़ों दिलों को जीता और हर घर का हिस्सा बन गईं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि छोटे पर्दे की दुनिया में इन सभी मशहूर बहुओं की ‘महानायक’ कहलाने वाली एक ऐसी भी एक्ट्रेस रही हैं, जिनके असल जीवन का संघर्ष किसी भी टीवी सीरियल के ड्रामे से कहीं ज्यादा दर्दनाक और भावुक रहा है?

नई दिल्ली. टीवी की दुनिया में ‘पार्वती’, ‘अक्षरा’, ‘सिमर’ और ‘गोपी बहू’ जैसे किरदारों ने दर्शकों के दिलों पर सालों तक राज किया है. लेकिन एक ऐसी ‘बहू’ भी रही, जिसने सिर्फ पर्दे पर नहीं, बल्कि अपनी असल जिंदगी के संघर्ष से भी लोगों को प्रेरित किया. कभी महज 1500 रुपये की नौकरी के लिए मैकडॉनल्ड्स में बर्तन मांजने और झाड़ू-पोछा करने वाली इस लड़की ने सपनों का साथ नहीं छोड़ा. पिता की एक सख्त शर्त ने उसकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी. संघर्ष, मेहनत और हौसले के दम पर उसने ऐसा मुकाम हासिल किया कि घर-घर में उसकी पहचान बन गई. आज वह करोड़ों की मालकिन है, टीवी की सबसे यादगार ‘बहुओं’ में गिनी जाती है और अभिनय से लेकर राजनीति तक अपनी अलग पहचान बना चुकी है. आइए जानते हैं फर्श से अर्श तक पहुंचने वाली इस जांबाज बेटी की रुला देने वाली दास्तां…

बात कर रहे हैं भारतीय टेलीविजन इतिहास की सबसे लोकप्रिय ‘बहू’ यानी ‘तुलसी’ की. स्मृति ईरानी वो एक्ट्रेस हैं, जिन्हें घर-घर में ‘तुलसी’ के नाम से पहचान मिली. एक मिडिल क्लास परिवार से ताल्लुक रखने वाली स्मृति ईरानी ने आज भले ही करोड़ों की संपत्ति और राजनीति के शीर्ष मुकाम को हासिल कर लिया है, लेकिन इस सफलता के पीछे उनका कड़ा संघर्ष और अटूट संकल्प छिपा है.

एक समय ऐसा भी था जब स्मृति ईरानी ने अपनी पहचान और आत्मसम्मान के लिए मैकडॉनल्ड्स में झाड़ू-पोछा लगाने और बर्तन साफ करने तक का काम किया, जहां उन्हें महीने के महज 1,500 रुपये मिलते थे. स्मृति ईरानी की आंखों में बचपन से ही कुछ बड़ा करने और एक्टिंग की दुनिया में नाम कमाने के सपने थे.
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स्मृति ईरानी ने एक ब्यूटी पेजेंट में भाग लेने का फैसला किया, जिसके लिए उन्हें 1 लाख रुपये की जरूरत थी. उनके पिता ने उन्हें यह रकम इस शर्त पर कर्ज के रूप में दी कि अगर वह इसे समय पर नहीं चुका पाईं तो उन्हें अपनी मर्जी के खिलाफ शादी करनी होगी. स्मृति को अपने हुनर पर पूरा भरोसा था और उन्होंने यह चुनौती स्वीकार कर ली. पेजेंट के दौरान मिले उपहारों की मदद से उन्होंने 60,000 रुपये तो चुका दिए, लेकिन बाकी की रकम चुकाने के लिए उन्हें एक नौकरी की सख्त जरूरत थी.

निलेश मिश्रा को दिए एक पुराने इंटरव्यू में स्मृति ने अपने इस सबसे कठिन दौर का खुलासा किया था. उन्होंने बताया कि जब वह नौकरी की तलाश में मैकडॉनल्ड्स पहुंचीं तो वहां केवल दो स्लॉट खाली थे. उन्हें बताया गया कि यह एक ‘फाउंडेशनल जॉब’ है. जब स्मृति ने इसका मतलब पूछा तो पता चला कि उन्हें वहां झाड़ू, पोछा और बर्तन साफ करने का काम करना होगा.

उन्होंने इस बातचीत में बताया था कि मैंने बिना किसी झिझक के 1,500 रुपये प्रति माह की इस नौकरी को स्वीकार कर लिया. 6 हफ्ते तक उन्होंने ये नौकरी की. स्मृति ने बताया ता कि वह सिर्फ अपने इकलौते वीकली ऑफ के दिन ऑडिशन देने जाया करती थीं. इसी कड़ी मेहनत का नतीजा था कि स्मृति को टीवी पर पहला ब्रेक मिला. निर्माता एकता कपूर ने उन्हें अपने सुपरहिट धारावाहिक शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में ‘तुलसी वीरानी’ के लिए कास्ट किया. इस शो ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई.

सालों तक टीवी पर राज करने के बाद, उन्होंने राजनीति का रुख किया. स्मृति ईरानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट में सबसे युवा मंत्री बनीं. इसके साथ ही वह देश की पहली महिला मानव संसाधन विकास (HRD) मंत्री और कपड़ा मंत्री भी रहीं. लंबे समय तक राजनीति और समाज सेवा में सक्रिय रहने के बाद, स्मृति ईरानी ने जुलाई 2025 में पूरे 17 साल बाद छोटे पर्दे पर अपनी ऐतिहासिक वापसी की. उन्होंने ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के रीबूट वर्जन में एक बार फिर अपने प्रतिष्ठित किरदार ‘तुलसी वीरानी’ को जीवंत किया है, जिसे दर्शक बेहद पसंद कर रहे हैं.

2024 के चुनावी हलफनामे की मानें तो स्मृति ईरानी के पास 8 करोड़ 75 लाख 24 हजार रुपये की संपत्ति है जबकि उनके पति जुबिन ईरानी के पास कुल 8 करोड़ 81 लाख 77 हजार रुपये की संपत्ति है.
